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Thursday, October 23, 2008

शुभ दीपावली

अब दीपावली मैं ज्यादा दिन नहीं रह गए हैं। लेकिन मुझे लगता है की लोग शायद यह भूल गए हैं। आज जब मैं शाम को दफ्तर आ रहा था, मुझे सिर्फ़ दो या तीन घरों मैं ही रौशनी की सजावट दिखी।

अगर मेरी बात मानी जाए तो सब जगह, बाज़ार हो या घर, रौशनी ही रौशनी होनी चाहिए.....और वह भी कम से कम एक हफ्ते पहले से ही।

या तो लोग बहुत कंजूस हो गए हैं, या फिर वह आपने रोज्मर्रह के कामों मैं बहुत ही व्यस्त हो गए हैं पिछले कुछ सालों से मैं यह देखता रहा हूँ की लोग अब सिर्फ़ दो या तीन दिन पहले ही रौशनी से घर को सजाते हैं और दीपावली के अगले ही दिन उन्हें उतार देते हैं मुझे यह ठीक नहीं लगता

दीपावली के दिन तो सब लोग ज्यादातर समय आपने आपने घरों मैं ही बिताते हैं। रौशनी से साजे हुए मोहल्ले को देखने का आनंद तो अन्य दिनों मैं अधिक होगा। अगर सब ही एक हफ्ते के लिए रौशनी करें, तो बहुत अछा होगा।

आप सबको दीपावली की हार्दिक शुभ्काम्नैयें।

A couple of people have requested me for a translation:

Basically I am just complaining and being grumpy about the fact that people don't decorate their houses with the lights for more than a couple of days..... I love colorful lights everywhere and on Diwali that combination of lights looks so alluring. But unfortunately I really can't go out so much on Diwali.....So I request everyone to put the light decoration on at least for a week....

Happy Diwali...





I am also adding a pic!!